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शुक्रवार, 2 जनवरी 2026

अलाव से लेकर साइबर अलर्ट तक… नये साल पर डीसी का संदेश…

पाकुड: साल बदला है, कैलेंडर के पन्ने पलटे हैं, लेकिन सर्द हवा में वही सवाल है, यह नया साल लोगों के लिए कितना सुरक्षित, संवेदनशील और बेहतर होगा। इसी सोच के साथ नववर्ष 2026 की सुबह पाकुड़ के डीसी मनीष कुमार ने जिलेवासियों के नाम एक ऐसा संदेश दिया, जिसमें औपचारिकता कम और मानवीय सरोकार ज्यादा दिखा।

शुभकामनाओं के साथ संवेदना की बात

डीसी ने जिले के हर घर के लिए सुख, शांति और स्वास्थ्य की कामना की। उनके शब्दों में सिर्फ बधाई नहीं थी, बल्कि यह अहसास भी था कि प्रशासन सिर्फ नियमों की किताब नहीं, बल्कि आम आदमी की चिंता से जुड़ा हुआ तंत्र है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नववर्ष परिवार और अपनों के साथ सौहार्द के माहौल में मनाएं और उन लोगों को याद रखें, जो जीवन की राह आसान बनाते हैं।

पर्यटन की खुशी, सुरक्षा की जिम्मेदारी

नववर्ष पर घूमने निकलने की उत्सुकता स्वाभाविक है। डीसी ने इस खुशी के बीच सुरक्षा की अहमियत भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। यह अपील आदेश जैसी नहीं, बल्कि अपनेपन से भरी सलाह की तरह थी।

ठंड में अलाव और भरोसे का एहसास

शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच प्रशासन ने अलाव और जरूरी इंतजाम किए हैं। डीसी ने बताया कि ये व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सड़क पर ठिठुरते लोगों के लिए एक भरोसा हैं। फिर भी उन्होंने लोगों से खुद का ख्याल रखने और एक-दूसरे का सहारा बनने की अपील की।

नशे से दूरी, सुरक्षित जीवन की ओर कदम

डीसी का संदेश यहीं नहीं रुका। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशा न सिर्फ शरीर को, बल्कि परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है। नववर्ष को उन्होंने एक नए संकल्प के तौर पर देखने की बात कही, जहां लोग नशे से दूर रहकर सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का पालन करें।

जनसहयोग के साथ विकास का सपना

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प भी संदेश का अहम हिस्सा रहा। खासकर शिक्षा में शुरू की गई पहल को डीसी ने भविष्य की मजबूत नींव बताया और इसमें आम लोगों की भागीदारी को जरूरी माना।

डिजिटल दुनिया में सतर्कता की जरूरत

नए साल में मोबाइल स्क्रीन पर आने वाली फाइलें भी एक चुनौती बन चुकी हैं। डीसी ने APK और PIC फाइलों को लेकर लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि एक गलत क्लिक न सिर्फ फोन, बल्कि पूरी जिंदगी की निजता खतरे में डाल सकता है। भरोसेमंद स्रोत की जांच को उन्होंने आज की जरूरत बताया।

नए साल का सार : अनुशासन और संवेदना

अपने संदेश के अंत में डीसी मनीष कुमार ने कहा कि नववर्ष 2026 तभी सार्थक होगा, जब लोग जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उनके शब्दों में उम्मीद थी कि यह साल पाकुड़ के लिए सिर्फ तारीखों का बदलाव नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।

बहरागोड़ा:-बहरागोड़ा के लुगाहारा में एक जंगली हाथी..........

बहरागोड़ा संवाददाता

बहरागोड़ा:-बहरागोड़ा लुगाहारा में एक जंगली हाथी आने की सूचना प्रखंड के सांड्रा पंचायत अंतर्गत लुगाहारा में एक जंगली हाथी आने की सूचना ग्रामीणों को मिली.ग्रामीणों ने जब उसे खेतों और जंगलों में घूमते देखा, खेत में काम कर रहे किसान भयभीत होकर भाग निकले और इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने में जुट गई. हालांकि हाथी के ठहराव और मूवमेंट को लेकर वन विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है.साथ ही वन विभाग द्वारा सभी को अपील किया गया कि जंगली हाथियों के पास नहीं जाये और ना ही जंगल में लकड़ी तथा मशरूम चुनने के लिए जाए.

सिर्फ साल नहीं, झारखंड का भविष्य भी बदलेगा : कल्पना सोरेन

 राँची: सीएम हेमंत सोरेन की धर्मपत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने नववर्ष 2026 के अवसर पर राज्यवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली की कामना की। गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर अपने संदेश में कल्पना सोरेन ने कहा कि नया वर्ष केवल तारीख या समय का बदलाव नहीं है, बल्कि यह झारखंड को और अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का एक नया अवसर भी है। उन्होंने कहा कि राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर संकल्प लेना होगा।

वीर पुरखों के सपनों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी

कल्पना सोरेन ने कहा कि झारखंड वीर पुरखों के संघर्ष और सपनों से बना राज्य है। इसे आगे ले जाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि राज्य का समग्र विकास तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचे और अंतिम व्यक्ति भी इस यात्रा का हिस्सा बने।


सीएम हेमंत का नये साल पर बड़ा संदेश- 2050 तक समृद्ध होगा झारखंड

 राँची: सीएम हेमंत सोरेन ने नये साल 2026 के अवसर पर राज्यवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश के जरिए नए साल को झारखंड के भविष्य से जोड़ा। सीएम ने अपने संदेश में लिखा कि नव वर्ष 2026 केवल एक नए कैलेंडर वर्ष की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह वीर पुरखों के सपनों के सोना झारखंड के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नया साल हमें नए संकल्प और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का अवसर देता है।

2025 में खोए महान व्यक्तित्वों को किया याद

सीएम हेमंत सोरेन ने साल 2025 को याद करते हुए कहा कि इस दौरान झारखंड राज्य निर्माता दिशाेम गुरुजी शिबू सोरेन और महान आंदोलनकारी रामदास सोरेन सशरीर इस दुनिया से विदा हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे प्रकृति की गोद से झारखंडवासियों को आशीर्वाद दे रहे हैं।

संघर्ष और संकल्प की यात्रा का जिक्र

सीएम ने कहा कि झारखंड ने बीते वर्षों में संघर्ष, संकल्प और संभावनाओं की लंबी यात्रा तय की है। इस यात्रा में राज्य के नागरिकों, खासकर आदिवासी, मूलवासी, किसान, श्रमिक, महिलाएं और युवा वर्ग की भूमिका बेहद अहम रही है।

सामाजिक न्याय और विकास की दिशा में कदम

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय, जनकल्याण और समावेशी विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब युवा झारखंड का लक्ष्य पहले से ज्यादा स्पष्ट है, वर्ष 2050 तक एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और सतत झारखंड का निर्माण।

अबुआ सरकार की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि अबुआ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी, रोजगार, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को केंद्र में रखकर नीतियां और योजनाएं आगे बढ़ा रही है। साथ ही स्थानीय समुदायों के अधिकार और सम्मान को भी सरकार की प्राथमिकता बताया।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड रूपी विशाल वृक्ष की जड़ों को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। यही सरकार की प्रतिबद्धता है।

2050 तक अग्रणी राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 25 वर्षों के लिए एक साझा विजन के साथ युवा झारखंड आगे बढ़े और वर्ष 2050 तक झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, यही उनका लक्ष्य है। अंत में मुख्यमंत्री ने कामना की कि नव वर्ष 2026 सभी के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।

48 घंटे की हिरासत, फिर अस्पताल में मौ’त : एमजीएम पुलिस पर गंभीर आरोप

 राँची : जमशेदपुर के एमजीएम थाना में पुलिस हिरासत के दौरान एक 22 वर्षीय युवक की बीती देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान गोकुलनगर निवासी जीत महतो के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मोबाइल चोरी की जांच के नाम पर हिरासत का आरोप

परिजनों का आरोप है कि चोरी के एक मोबाइल फोन की जांच के नाम पर पुलिस ने जीत महतो को उसके घर से हिरासत में लिया था। परिवार के अनुसार, रविवार को पुलिस बिना किसी लिखित नोटिस या पूर्व सूचना के जीत को घर से उठा ले गई। परिजनों का कहना है कि जीत ने 500 रुपये में एक मोबाइल फोन खरीदा था, लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह मोबाइल चोरी का है।

बीमार हालत में भी नहीं छोड़ा गया युवक

परिवार ने बताया कि जीत महतो उस समय पहले से बीमार था और ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी, इसके बावजूद उसे हिरासत में ले लिया गया। परिजनों के मुताबिक, जीत करीब 48 घंटे तक पुलिस हिरासत में रहा और इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

अस्पताल पहुंचते ही हुई मौत

मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे पुलिस ने जीत को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद ही उन्हें सूचना दी गई। जब तक परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, डॉक्टरों ने जीत महतो को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण जुट गए। युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग की।

पुलिस ने मारपीट के आरोपों से किया इनकार

वहीं एमजीएम थानेदार सचिन दास ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जीत महतो को चोरी के मोबाइल से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए थाना लाया गया था। थानेदार के अनुसार, पूछताछ के दौरान ही युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया। पुलिस का दावा है कि मौत मारपीट से नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गोकुलनगर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मनोज कौशिक बनें ADG, कौशल किशोर DIG पलामू… देखें 18 IPS अधिकारियों की लिस्ट

 झारखंड सरकार ने राज्य के कई IPS अधिकारियों के ट्रांसफर और नई पोस्टिंग की घोषणा कर दी है। सरकार ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न जिलों और विभागों में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि IPS अधिकारियों की पोस्टिंग राज्य प्रशासन की जरूरतों और उनके अनुभव के आधार पर की गई है। इससे पहले जिन अधिकारियों ने लंबे समय तक किसी विशेष जिले या विभाग में काम किया था, अब उन्हें अन्य क्षेत्रों में भेजा गया है ताकि पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

आदित्यपुर में पत्रकार पर हमला, परिवार सहित बेरहमी से पिटाई

आदित्यपुर थाना क्षेत्र के हरिओम नगर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां पत्रकार अंकित शुभम और उनके परिजनों पर सुभाष यादव के परिवार के सदस्यों ने जानलेवा हमला किया। घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है, जिसमें अंकित शुभम समेत उनके परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

पीड़ित पत्रकार के पिता ने बताया कि हमलावरों ने उनके बेटे को चारों ओर से घेरकर बेरहमी से पीटा। बचाने की कोशिश करने पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि चार पहिया वाहन से कुचलकर जान लेने का प्रयास भी किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई। हमले के दौरान अंकित शुभम के गले से सोने की चेन छीनने की कोशिश भी की गई।




स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की जड़ वाहन पार्किंग को लेकर हुई मामूली कहासुनी थी। इसके बाद सुभाष यादव ने अपने रिश्तेदार, जो सीआरपीएफ में कार्यरत बताए जा रहे हैं, को बुलाया और लाठी-डंडों के साथ घर में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान अंकित शुभम के पिता, माता और बहन को भी गंभीर चोटें आईं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सुभाष यादव का व्यवहार अक्सर उग्र रहता है और वह आसपास के लोगों से आए दिन विवाद करता रहता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की जड़ वाहन पार्किंग को लेकर हुई मामूली कहासुनी थी। इसके बाद सुभाष यादव ने अपने रिश्तेदार, जो सीआरपीएफ में कार्यरत बताए जा रहे हैं, को बुलाया और लाठी-डंडों के साथ घर में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान अंकित शुभम के पिता, माता और बहन को भी गंभीर चोटें आईं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सुभाष यादव का व्यवहार अक्सर उग्र रहता है और वह आसपास के लोगों से आए दिन विवाद करता रहता है।

पुलिस के मुताबिक, पार्किंग विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई है। अंकित शुभम को नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। आदित्यपुर थाना प्रभारी ने कहा कि लिखित शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

बताया गया है कि घटना के बाद जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे, तब भी आरोपियों के परिजनों द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया।

















हजारीबाग जेल ब्रेक मामला: सुरक्षा में बड़ी चूक, दो हेड वार्डन निलंबित, 18 जेलकर्मी जांच के घेरे में

हजारीबाग: झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) से तीन आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों के फरार होने के मामले ने जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद फरार कैदियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक हाथ खाली हैं।



कैसे दर्ज हुआ मामला: जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन के अनुसार, लोहसिंघना थाना में तीनों फरार कैदियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 224 के तहत प्राथमिकी संख्या 196/2025 दर्ज की गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया है कि बैरक नंबर-6 की खिड़की संख्या-4 की ग्रिल काटकर कैदी रात करीब 1:36 बजे से 2:45 बजे के बीच फरार हुए।

एसआईटी और फोरेंसिक जांच: घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग एसपी ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। पांच अलग-अलग टीमें छापेमारी में जुटी हैं, जिनमें रांची, धनबाद के अलावा बिहार भेजी गई एक टीम भी शामिल है। फोरेंसिक विशेषज्ञ कैदियों के कॉल डिटेल्स और संपर्क नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले में ठोस सफलता मिलेगी।
सुरक्षा में लापरवाही के संकेत

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैदियों ने घने कोहरे, अंधेरे और बिजली गुल होने का फायदा उठाया। पूरी घटना सुनियोजित प्रतीत हो रही है। जेल के एक जवान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिजली नहीं रहने और धुंध के कारण निगरानी बेहद मुश्किल हो गई थी। घटना के बाद जैप-7 के डीएसपी राजेंद्र कुमार ने जेल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
दो हेड वार्डन सस्पेंड

जेल प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए लापरवाही के आरोप में दो हेड वार्डन—हरेंद्र महतो और उमेश सिंह—को निलंबित कर दिया है। दोनों की ड्यूटी उसी वार्ड में थी, जहां से कैदी फरार हुए। इसके अलावा करीब 18 जेलकर्मी जांच के दायरे में हैं, जिन पर आगे कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
फरार कैदियों का आपराधिक रिकॉर्ड

देवा भुईया: कुख्यात अपराधी, हजारीबाग और धनबाद क्षेत्र से अच्छी तरह परिचित। 2021 में धनबाद जेल से भी फरार हो चुका है। उस पर एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं और 2019 के गैंगरेप केस में दोषी है।

जीतेंद्र रवानी: भाटडीह थाना क्षेत्र में पोक्सो एक्ट के तहत मामला, 22 साल की सजा। धनबाद जेल में आत्महत्या की कोशिश कर चुका है।

राहुल रजवार: नाबालिग से जुड़े पोक्सो मामले में 2024 में जेल गया, उम्रकैद की सजा काट रहा था।

फिलहाल पुलिस फरार कैदियों के नेटवर्क और संभावित मददगारों की तलाश में जुटी है। खासकर देवा भुईया के पुराने ठिकानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जेल सुरक्षा में हुई चूक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रयागराज:3 जनवरी से प्रयागराज में माघ मेला, शाही स्नान की तिथियां तय - जानिए धार्मिक महत्व और पूरी जानकारी

प्रयागराज: नववर्ष की शुरुआत के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का सबसे बड़ा आयोजन माघ मेला शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) से होगी और यह 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि तक चलेगा। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, वहीं प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।


हर वर्ष माघ मास में आयोजित होने वाला यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, तपस्या, दान और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार माघ मास अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इस दौरान संगम में स्नान, दान और कल्पवास करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पद्म पुराण और मत्स्य पुराण में भी माघ मेले का विशेष उल्लेख मिलता है।

देवताओं के स्नान की मान्यता: धार्मिक मान्यता है कि माघ मेले के दौरान देवता भी पृथ्वी पर आकर संगम में स्नान करते हैं। इसी कारण इस अवधि को कल्पवास का सर्वोत्तम समय माना जाता है। माघ मेला को कुंभ मेले का लघु रूप भी कहा जाता है। जिन वर्षों में कुंभ या अर्धकुंभ नहीं होता, उन वर्षों में भी माघ मेले का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाता है।

शाही स्नान का विशेष महत्व: गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर लगने वाले माघ मेले का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण आयोजन शाही स्नान होता है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु पुण्य लाभ के लिए संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं।

शाही स्नान के दिन अखाड़ों के साधु-संत, नागा संन्यासी और महंत पारंपरिक शोभायात्रा के साथ संगम तट पर पहुंचते हैं। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच होने वाला यह स्नान अत्यंत दिव्य और भव्य माना जाता है। शाही स्नान के बाद ही आम श्रद्धालुओं को स्नान की अनुमति मिलती है।

माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व

3 जनवरी 2026 – पौष पूर्णिमा (मेला व कल्पवास आरंभ)

14 जनवरी 2026 – मकर संक्रांति (शाही स्नान)

18 जनवरी 2026 – मौनी अमावस्या (शाही स्नान)

23 जनवरी 2026 – बसंत पंचमी (शाही स्नान)

1 फरवरी 2026 – माघी पूर्णिमा

15 फरवरी 2026 – महाशिवरात्रि (अंतिम स्नान व मेले का समापन)

माघ मेला श्रद्धा, साधना और सनातन संस्कृति का ऐसा संगम है, जहां हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु आकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं और भारत की आध्यात्मिक विरासत को सजीव अनुभव करते हैं।

धनबाद (कतरास) : प्रेस क्लब कतरास के पत्रकारों ने नए साल पर खेला मैत्री क्रिकेट मैच

नववर्ष के अवसर पर कतरास के रानी बाजार स्थित मैदान में मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस मुकाबले में प्रेस क्लब कतरास के पत्रकारों की टीम ने गाइडेंस क्लब कतरास के साथ खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। रोमांचक मुकाबले में पत्रकारों की टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन खिलाड़ियों का उत्साह और जोश पूरे मैच के दौरान बना रहा।

प्रेस क्लब कतरास की टीम की कप्तानी न्यूज़ टुडे धनबाद के संपादक सोहन कुमार विश्वकर्मा ने की, जबकि क्रिकेट टीम का नेतृत्व वरिष्ठ पत्रकार एवं बिहार ऑब्जर्वर के बाघमारा प्रभारी जितेंद्र पासवान ने किया।



मैच के दौरान उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष कमलेश सिंह, मोदी समाज के युवा अध्यक्ष रौनक गुप्ता और भाजपा नेता विकेश सिंह ने कहा कि इस तरह के खेल आयोजनों से युवाओं में सकारात्मक संदेश जाता है और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए गए तथा उपविजेता टीम को कप देकर सम्मानित किया गया। आयोजन ने नए साल की शुरुआत को खेल और सौहार्द के संदेश के साथ यादगार बना दिया।

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