पश्चिमी सिंहभूम जिले में आक्रामक हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगल और गांवों में घूम रहे हाथी के हमले में पिछले एक सप्ताह के भीतर 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 8 लोग घायल हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के वरीय अधिकारी चाईबासा पहुंच गए हैं और हाथी को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जंगलों और गांवों में एक आक्रामक हाथी लोगों के लिए काल बन गया है। बीते एक सप्ताह में हाथी के हमले से 17 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 8 लोग घायल हुए हैं। अब तक वन विभाग की टीम न तो हाथी को पकड़ पाई है और न ही उसका सटीक लोकेशन ट्रैक कर पाई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के पीसीसीएफ आशुतोष उपाध्याय और आरसीसीएफ स्मिता पंकज चाईबासा पहुंचे और हाटगम्हरिया क्षेत्र का दौरा किया, जहां फिलहाल हाथी के होने की सूचना है। क्षेत्र भ्रमण के बाद दोनों अधिकारियों ने चाईबासा में अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक किए गए रेस्क्यू कार्यों की समीक्षा की।
पत्रकारों से बातचीत में पीसीसीएफ आशुतोष उपाध्याय ने बताया कि चाईबासा और पोड़ाहाट वन प्रमंडल में क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही स्थानीय वन समितियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। हाथी का लोकेशन मिलते ही उसे ट्रेंकुलाइज कर ट्रांसलोकेट किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग के लिए ओडिशा और पश्चिम बंगाल से विशेष टीम बुलाई गई है, वहीं वनतारा की टीम भी मदद के लिए पहुंच रही है। हाथी को पकड़ने के बाद उसे घने जंगल में छोड़ा जाएगा या सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।
हाथी के आक्रामक व्यवहार के कारणों पर पीसीसीएफ ने कहा कि जंगल में डिस्टरबेंस के चलते हाथी अपने झुंड से अलग हो गया है, जिस कारण उसका व्यवहार उग्र हो गया है।










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