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बुधवार, 7 जनवरी 2026

उत्तर प्रदेश: यूपी में इस साल चुनावी रण, हर मुकाबला देगा सत्ता का संकेत

UP : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही 2027 में होने हों, लेकिन उससे पहले साल 2026 प्रदेश की सियासत के लिये सबसे अहम इम्तिहान साबित होने जा रहा है। राज्यसभा, विधान परिषद (एमएलसी), विधानसभा उपचुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, ये सभी मिलकर 2027 की जंग का सेमीफाइनल बनेंगे। इन चुनावों में मिली जीत या हार से ही यह तय होगा कि फाइनल में किसका पलड़ा भारी रहेगा। बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों में तेजी ला दी है, जबकि कांग्रेस और बसपा भी संगठन और रणनीति को धार देने में जुटी हैं। कुल मिलाकर 2026 का हर चुनाव, 2027 की दिशा तय करने वाला होगा। 2026 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो रही हैं। ये चुनाव अप्रैल से नवंबर के बीच अलग-अलग चरणों में होंगे। चूंकि राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधायक करते हैं और यूपी विधानसभा में 403 विधायक हैं, इसलिये यहां का अंकगणित बेहद निर्णायक है। इन सीटों पर जीत से संसद के ऊपरी सदन में पार्टियों की ताकत बढ़ेगी या घटेगी। देशभर में 75 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें यूपी की 10 सीटें सबसे ज्यादा हैं। जिन प्रमुख नेताओं की सीटें 2026 में खाली होंगी, उनमें बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, गीता शाक्य, डॉ. हरदीप पुरी, रामजी गौतम, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बी.एल. वर्मा और प्रो. रामगोपाल यादव शामिल हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 11 एमएलसी सीटों पर 2026 में चुनाव होंगे। ये चुनाव स्नातक और शिक्षक मतदाता करते हैं। शिक्षक क्षेत्र में 6 सीटें और स्नातक क्षेत्र में 5 सीटें हैं।  100 सदस्यीय विधान परिषद में ये सीटें राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं। पार्टियां शिक्षित वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की पूरी कोशिश करेंगी।

दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव: 2026 में यूपी विधानसभा की दो सीटों—बरेली की फरीदपुर और गाजीपुर की घोसी पर उपचुनाव होने हैं। संबंधित विधायकों के निधन के बाद ये सीटें खाली हुई हैं। भले ही संख्या कम हो, लेकिन नतीजे राजनीतिक संदेश बड़े देंगे। 2026 का सबसे बड़ा चुनाव होगा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जो अप्रैल से जुलाई के बीच होने की संभावना है। ग्राम पंचायत करीब 58,000 ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत में हजारों सदस्य एवं जिला पंचायत में सदस्य और अध्यक्ष पद पर चुनाव होने वाले हैं। लाखों पदों पर होने वाले ये चुनाव ग्रामीण इलाकों में पार्टियों की असली ताकत दिखाएंगे। 2021 में बीजेपी और सपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था, अब 2026 में यही चुनाव 2027 के लिए माहौल बनायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अंतिम रूप दे रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में नये वोटर जुड़ रहे हैं।

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