सरायकेला। दिनांक 07 जनवरी 2026 को माननीय NALSA एवं JHALSA के तत्वावधान तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला–खरसावां के निर्देशानुसार कुकरू प्रखंड के तिरूलडीह पंचायत अंतर्गत सिरकाडीह गांव में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 (PCMA) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो ऐसा विवाह कानूनन अपराध है, जिसके लिए दोषियों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह कानून 1 नवंबर 2007 से प्रभावी है।
इसके साथ ही ग्रामीणों को बाल श्रम निषेध कानून तथा POCSO अधिनियम, 2012 की भी जानकारी दी गई, जो 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न एवं अन्य यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस अधिनियम के तहत दोषियों के लिए कठोर दंड और पीड़ित बच्चों को त्वरित न्याय व संरक्षण का प्रावधान किया गया है।
शिविर के दौरान नशा मुक्ति अभियान के तहत भी लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशा से दूर रहने का संदेश दिया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में अधिकार मित्र विकास चंद्र महतो, फागुराम महतो, मस्तान सिंह महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।







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