अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दुमका इकाई द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर जिला स्कूल हॉस्टल परिसर में एक दिवसीय बैडमिंटन टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया गया |
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देवघर विभाग सह संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के डॉ. संजीव सिंह ने कहा कि बैडमिंटन उनका पसंदीदा खेल है, क्योंकि इसमें निरंतर नई रणनीतियाँ सीखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि यह खेल कौशल, एकाग्रता और परिश्रम की मांग करता है, साथ ही अत्यंत मनोरंजक भी है। कभी-कभी यह खेल चुनौतीपूर्ण हो जाता है, लेकिन यही इसकी विशेषता है।
उन्होंने बैडमिंटन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके नियमों का पहला अनौपचारिक सेट 1867 में भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवादियों द्वारा तैयार किया गया था। साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि बॉल बैडमिंटन, जिसमें शटलकॉक के स्थान पर ऊनी गेंद का प्रयोग किया जाता है, भारत के दक्षिणी भागों में विशेष रूप से लोकप्रिय रहा है।
वहीं नगर अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र चांद गोईरी ने अपने संबोधन में कहा कि बैडमिंटन एक ऊर्जावान इनडोर खेल है, जो शारीरिक फिटनेस के लिए अत्यंत उपयोगी है। यह खेल हल्के रैकेट और शटलकॉक से खेला जाता है तथा इसमें अधिक खिलाड़ियों की आवश्यकता नहीं होती। इसे एकल अथवा युगल रूप में खेला जा सकता है। उन्होंने भारत के उत्कृष्ट बैडमिंटन खिलाड़ियों का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री हिमांशु दुबे, नगर उपाध्यक्ष जितेंद्र झा, नगर सह मंत्री विवेक धार, आदित्य कुमार, पंकज यादव, नवल कपड़े, आकाश कुमार, सुभाष मुर्मू, सुमित यादव, अभिनंदन कुमार, अभिषेक तिवारी, राज केसरी, अनु केरता एवं मनजीत सहित एबीवीपी के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










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