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गुरुवार, 15 जनवरी 2026

मकर संक्रांति पर नेत्रहीन विद्यालय में रोटी बैंक ने दही-चूड़ा व तिलकुट का वितरण

 

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सामाजिक संस्था रोटी बैंक के द्वारा आज 15 जनवरी को नेत्रहीन विद्यालय में दही-चूड़ा एवं तिलकुट का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के नेत्रहीन छात्र-छात्राओं के बीच पारंपरिक एवं पौष्टिक भोजन वितरित कर पर्व की खुशियां साझा की गईं।

कार्यक्रम के दौरान रोटी बैंक के संस्थापक जतिन कुमार ने बच्चों के साथ समय बिताया और मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्था की ओर से जतिन ने कहा की पर्व समाज को आपसी भाईचारे, सेवा और समर्पण की भावना से जोड़ते हैं। नेत्रहीन बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने लायक था।

रोटी बैंक ने यह संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी जरूरतमंदों, विशेषकर दिव्यांग और वंचित वर्ग के लिए इस तरह के सेवा कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। विद्यालय प्रशासन ने रोटी बैंक के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन न केवल मकर संक्रांति के पर्व को सार्थक बनाने वाला रहा, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना का संदेश भी देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर सहायक अवर निरीक्षक मुन्ना सिंह, समाजसेवी अंकित कुमार गुप्ता, दांत चिकित्सा डॉक्टर श्वेता स्वराज नेत्रहीन विद्यालय के प्रचार है शिवनाथ महतो आदि मौजूद थे 



नौ अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को जल्द हरी झंडी देगा केंद्र

केंद्र सरकार ने बताया है कि पश्चिम बंगाल और असम से नौ नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें जल्द ही शुरू की जाएंगी। इन ट्रेनों के परिचालन से आधुनिक और किफायती रेल सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और देश के विभिन्न हिस्सों के बीच लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

रेल मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि ये ट्रेनें असम, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरने वाले प्रमुख रूट्स पर चलाई जाएंगी। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां प्रवासी मजदूरों और लंबी दूरी की रेल यात्रियों की संख्या अधिक है। नई सेवाओं से विशेष रूप से त्योहारों और भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों को भरोसेमंद, किफायती और आरामदायक यात्रा विकल्प मिलेगा।

नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे घनी आबादी वाले राज्यों के साथ-साथ तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे दूर-दराज के राज्यों को भी जोड़ेंगी। इससे रेल यात्रा की बढ़ती मांग को संतुलित करने में मदद मिलेगी और देशभर में आवागमन को गति मिलेगी।



प्रस्तावित अमृत भारत एक्सप्रेस रूट:

गुवाहाटी (कामाख्या) – रोहतक

डिब्रूगढ़ – लखनऊ (गोमती नगर)

न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल

न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली

अलीपुरद्वार – एसएमवीटी बेंगलुरु

अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल)

कोलकाता (संतरागाछी) – तांबरम

कोलकाता (हावड़ा) – आनंद विहार टर्मिनल

कोलकाता (सियालदह) – बनारस

रेल मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रेलवे किफायती और लंबी दूरी की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी दिशा में अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं शुरू की गई हैं, जो रोज़मर्रा के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं।

अमृत भारत एक्सप्रेस को अमृत काल की एक विशेष पहल के रूप में शुरू किया गया है। ये ट्रेनें नॉन-एसी लंबी दूरी की स्लीपर यात्रा की सुविधा देती हैं, जिनका किराया लगभग 500 रुपये प्रति 1000 किलोमीटर है। किराया संरचना सरल और पारदर्शी है तथा इसमें डायनामिक प्राइसिंग लागू नहीं की गई है, जिससे यह आम यात्रियों के लिए अधिक सुलभ बनती है।

दिसंबर 2023 में शुरुआत के बाद से अब तक 30 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित की जा चुकी हैं। आगामी नौ नई सेवाओं के जुड़ने से पूर्वी और उप-हिमालयी क्षेत्रों से लेकर दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य भारत के प्रमुख गंतव्यों तक रेल कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिलेगा।

राँची: ठंडी पछुआ हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी, दो दिन बाद मिल सकती है राहत

राँची: झारखंड में अभी भी भीषण ठंड का कहर जारी है। सुबह के समय कनकनी और ठिठुरन बनी हुई है, जबकि हल्का कोहरा भी छाया रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक शीतलहर का असर रहेगा, लेकिन इसके बाद ठंड में कमी आने की उम्मीद है।

पिछले 24 घंटों में राज्य के ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। गुमला सबसे ठंडा जिला रहा, जहां तापमान गिरकर 1.8 डिग्री तक पहुंच गया। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री के बीच रहा, जहां पिछले दिन की तुलना में करीब 1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, लेकिन ठंड का असर अब भी तेज है। ठंडी पछुआ हवाएं 4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस हो रही है।



मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अभी दिख रहा है। अगले एक-दो दिनों में तापमान में 3 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। लेकिन दो दिनों के बाद पछुआ हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। खासकर संताल परगना और आसपास के इलाकों में ठंड की तीव्रता कम होने की संभावना है।

राज्य के 13 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, रांची, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम शामिल हैं। फिलहाल पूरी राहत नहीं मिली है, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान से उम्मीद जगी है कि दो दिन बाद झारखंडवासियों को इस भीषण सर्दी से कुछ सुकून मिलेगा। लोगों को सलाह दी जा रही है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और जरूरी सावधानियां बरतें।

दरभंगा की अंतिम महारानी नहीं रही, 600 किलो सोना दान क्यों किया

बिहार : दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी अब इस दुनिया में नहीं रहीं। 94 वर्ष की उम्र में उनके निधन के साथ मिथिला की शाही परंपरा का अंतिम जीवंत अध्याय भी इतिहास बन गया। देश उन्हें सिर्फ एक महारानी के रूप में नहीं, बल्कि सच्चे त्याग, मौन राष्ट्रभक्ति और दान की मिसाल के तौर पर याद करेगा। शोर-शराबे से दूर कर्तव्य को धर्म मानकर जीने वाली कामसुंदरी देवी ने यह साबित किया कि सत्ता से बड़ी संवेदना होती है। वहीं, वैभव से बड़ा होता है बलिदान। उनका जाना एक व्यक्तित्व का नहीं, बल्कि एक युग का अवसान है, जो हमेशा भारतीय स्मृति में जीवित रहेगा। दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी अब स्मृतियों में हैं। बीते 12 जनवरी को उनके निधन के साथ मिथिला की शाही परंपरा का अंतिम जीवंत अध्याय भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। वे ऐसी महारानी थीं, जिनकी पहचान सत्ता के शोर से नहीं, कर्तव्य की मौन शक्ति से बनी। सार्वजनिक जीवन से भले ही वे अंतिम वर्षों में दूर रहीं, लेकिन बिहार और देश की सांस्कृतिक चेतना में उनका स्थान कभी फीका नहीं पड़ा। आज उन्हें सिर्फ एक महारानी नहीं, बल्कि त्याग, दान, मर्यादा, नेतृत्व और मौन राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।



महारानी कामसुंदरी देवी स्वर्गीय महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी थीं। उस दौर में दरभंगा राजघराने में आईं

जब राजशाही ढलान पर थी और लोकतंत्र का सूरज उग रहा था, सत्ता में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही, लेकिन उन्होंने परंपरा, मर्यादा और सामाजिक उत्तरदायित्व को पूरी गरिमा के साथ निभाया। वे उस मिथिला संस्कृति की प्रतिनिधि थीं, जहां शिक्षा, दान और लोककल्याण को ही राजधर्म माना जाता था। महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के साथ दरभंगा राज की शाही परंपरा अब इतिहास की धरोहर बन गई है।

600 किलो सोने का त्याग: भारतीय इतिहास में महारानी कामसुंदरी देवी का नाम 1962 के भारत-चीन युद्ध से अमर हो गया। जब देश संसाधनों की कमी और राष्ट्रीय संकट से जूझ रहा था, तब दरभंगा राज की ओर से 600 किलोग्राम सोना भारत सरकार को दान किया गया। यह दान सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं था, बल्कि डगमगाते राष्ट्र के लिये नैतिक संबल भी था। एक ऐसी राष्ट्रभक्ति, जो बिना भाषण के अपने आप बोल उठी। शाही जीवन होने के बावजूद महारानी कामसुंदरी देवी ने सादगी को कभी नहीं छोड़ा। उनका जीवन मंत्र साफ था, “जिनके पास अधिक है, उनकी जिम्मेदारी भी अधिक है।” उन्होंने जीवनभर शिक्षा के संरक्षण के लिये, सामाजिक कल्याण के लिये और मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता के लिये काम किया।

कल्याणी फाउंडेशन और विरासत की रक्षा: महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने दरभंगा राज की शैक्षणिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित किया। यह कार्य किसी राजाज्ञा से नहीं, बल्कि सेवा-भाव से उपजे संकल्प का परिणाम था।

ईरान: हालात बेकाबू, भारत ने तुरंत देश छोड़ने को कहा

ईरान आज अपने इतिहास के सबसे स्याह दौर से गुजर रहा है। बीते दो हफ्तों से ज्यादा समय से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने पूरे मुल्क की नींव हिला दी है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक 2,572 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक और प्रदर्शनकारी शामिल हैं। ईरान की फिजा में इस वक्त केवल खौफ और बेचैनी तैर रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुये भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इसको लेकर एडवाइजरी जारी कर दी गई है। 



एडवाइजरी में कहा गया है कि उपलब्ध सभी साधनों से देश छोड़ें, खासतौर पर कमर्शियल फ्लाइट्स का इस्तेमाल करें। प्रदर्शन स्थलों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें। हर वक्त सतर्क रहें। अपने यात्रा दस्तावेज साथ रखें। ईरान के शीर्ष न्यायिक अधिकारियों द्वारा त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा के संकेत ने हालात को और ज्यादा भयावह बना दिया है। इंटरनेट बंद है, जिसके चलते सच तक पहुंच मुश्किल हो गया है। संचार सेवायें ठप है। इंटरनेट पर सख्त पाबंदी है। भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर तेहरान स्थित भारतीय दूतावास हरसंभव मदद के लिए तैयार है।

नये साल में सस्ती उड़ान का तोहफा

देश की दो भरोसेमंद एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नये साल में यात्रियों के लिये ऑफर उतारे हैं। इंडिगो की न्यू ईयर सेल 13 से 16 जनवरी तक खुली है। इस दौरान बुक की गई टिकटों पर यात्री 20 जनवरी से 30 अप्रैल के बीच उड़ान भर सकते हैं। बस शर्त इतनी कि टिकट यात्रा की तारीख से कम से कम सात दिन पहले बुक हो। घरेलू उड़ानों का एकतरफा किराया 1,499 रुपये से शुरू होगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआती कीमत 4,499 रुपये होगी। 



सीट चयन, फास्ट फॉरवर्ड और अतिरिक्त बैगेज पर भी शानदार छूट दी जायेगी। खास बात यह है कि दो साल तक के बच्चे घरेलू उड़ानों में मात्र 1 रुपये में सफर कर सकेंगे उधर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी यात्रियों के लिये ‘टाइम टू ट्रैवल सेल’ शुरू की है। इस ऑफर के तहत 16 जनवरी तक रियायती टिकट बुक किये जा सकते हैं। यात्रा की अवधि यहां भी 20 जनवरी से 30 अप्रैल रखी गई है। छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे यात्रियों के लिये कम खर्च में ज्यादा घूमने का सुनहरा मौका है।

राँची: अपहरण नहीं, अफवाह निकली पूरी कहानी

राँची : राजधानी रांची से सटे कांके थाना क्षेत्र में 12 साल की बच्ची के अपहरण की खबर से मचे तहलके पर अब पुलिस जांच ने विराम लगा दिया है। गहराई से जांच के बाद यह साफ हो गया है कि अपहरण की कोई घटना हुई ही नहीं, पूरा मामला एक भ्रम और गलतफहमी का नतीजा था। बीते 12 जनवरी को प्रेम नगर निवासी पूनम बाखला ने अपनी 12 साल की बेटी निधि बाखला के अपहरण का आरोप लगाते हुये कांके थाना में केस (कांड संख्या 08/2026) दर्ज कराया था। इल्जाम लगाया गया था कि दो बाइक सवार लड़कों ने स्प्रे मारकर बच्ची का अपहरण करने की कोशिश की और फिर चारपहिया वाहन से ले जाने लगे, लेकिन बच्ची के चिल्लाने पर लोग जुट गये। मामले की गंभीरता को देखते हुये रांची पुलिस कप्तान के निर्देश पर रूरल SP की देखरेख में DSP (मुख्यालय-1) के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई गई। गठित टीम घटनास्थल के आसपास के करीब 3 किलोमीटर तक CCTV कैमरे खंगाले।



प्रेम नगर से कांके थाना चौक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कांके, नगड़ी (कांके रिसॉर्ट के पास) तक सभी CCTV फुटेज खंगाले गये। जांच में सामने आया कि बच्ची पैदल प्रेम नगर से कांके थाना चौक होते हुये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक गई। वहां से ऑटो (JH01CQ-8861) से वापस लौट रही थी, जांच में चौंकाने वाला सच यह सामने आया कि निधि बाखला उसी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रैबीज का चौथा डोज लेकर मां और छोटे भाई के साथ घर लौट रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक, “कुछ मामलों में रैबीज वैक्सीन के बाद अस्थायी रूप से मानसिक असंतुलन या भ्रम हो सकता है।” इसी प्रभाव में बच्ची कुछ समय के लिये भटक गई, हल्की बेसुध हालत में रोती मिली। एक ऑटो चालक ने बताया कि बच्ची के पास पैसे नहीं थे, रोते हुये प्रेम नगर छोड़ने की बात कही। बाजार टांड़ के पास उतारने का अनुरोध किया। पुलिस का साफ कहना है कि CCTV फुटेज, डॉक्टरों और ऑटो चालक की पूछताछ के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि निधि बाखला के अपहरण की कोई घटना घटित नहीं हुई।

UP: डूबने से 4 बच्चों की दर्दनाक मौत, रो पड़ा गांव

UP : यूपी के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर जो हुआ, उसने पूरे इलाके की रूह हिला दी। कुसुवां फाटक के पास तालाबनुमा एक गहरा गड्ढा अचानक मौत का मंजर बन गया। नहाने के लिये गये चार बच्चों की डूब कर मौत हो गई। मृतको में 19 साल के करण सोनकर, 12 साल के प्रतीक सोनकर, 11 साल के प्रियांशु सोनकर एवं 10 साल के प्रिंस सोनकर शामिल है। चारों हुसैनपुर पावन गांव के रहने वाले थे। मंगलवार दोपहर नहाने के लिये निकले और जैसे-जैसे शाम ढली, घरवालों की बेचैनी बढ़ती गई। परिजन और ग्रामीण पूरी रात तलाश में जुटे रहे। 



बुधवार सुबह जब तालाब की ओर नजर पड़ी, तो पानी में चार शव तैरते दिखे। इसके बाद गांव में चीख-पुकार मच गई, मातम पसरा और हर आंख नम हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सभी शवों को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, तालाब मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर दूर है। गड्ढा काफी गहरा है, जो हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। एक साथ चार बच्चों की मौत हो जाने की फैली खबर के बाद गांव रो पड़ा। हर कोई बेहद दुखी है।

कर्नाटक: चाइनीज मांझे से कट गया बाइक सवार का गला

कर्नाटक के बीदर में जानलेवा चाइनीज मांझे ने एक और जिंदगी छीन ली। सड़क पर खिंची नायलॉन की पतंग की डोर से गला कटने के बाद 48 साल के बाइक सवार संजू कुमार होसामणि की मौत हो गई। हादसा तलामदगी ब्रिज के पास हुआ, जहां तेज धार वाली डोर अचानक उनके गले में फंस गई और कुछ ही सेकेंड में खून बहने लगा। गंभीर हालत में गिरने के बाद भी होसामणि ने मोबाइल से बेटी को फोन करने की कोशिश की। वायरल वीडियो में वह खून से लथपथ हालत में मदद मांगते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों ने कपड़ा रखकर खून रोकने की कोशिश की, लेकिन एम्बुलेंस देर से पहुंची और इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि समय पर मेडिकल मदद मिलती तो जान बच सकती थी। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर नायलॉन मांझे पर सख्त प्रतिबंध और बेहतर आपात सेवाओं की मांग की। मामले में मन्ना एकहेली थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।





गौरतलब है कि चाइनीज मांझे से मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 12 जनवरी 2026 को इंदौर में 45 साल के रघुवीर धाकड़ की इसी तरह मौत हुई थी, जबकि जुलाई 2025 में दिल्ली के रानी झांसी फ्लाईओवर पर 22 साल के कारोबारी यश गोस्वामी की जान गई थी।

उत्तर प्रदेश : चाइनीज मांझा पूरी तरह बैन फिर कैसे ले रहा लोगों की जान! - Uttar Pradesh: Why Is Deadly Chinese Manja Still Killing Despite a Ban? -

चाइनीज मांझे ने ली एक और जान, गला कटने से अधेड़ की मौत; उज्जैन में 6 हफ्ते में 8 मामले | indore ujjain chinese manjha accident biker death banned manjha road safety

रामगढ़ : लापता बच्चों को सकुशल बरामद कराने वाले बजरंगदल कार्यकर्ता सम्मानित

झारखंड: रामगढ़ जिले के चितरपुर क्षेत्र में हाल के दिनों में धुर्वा मौसीबाड़ी से लापता हुए बच्चों को सकुशल बरामद कराने में अहम भूमिका निभाने वाले बजरंगदल के युवा साथियों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सम्मानित किया।



सम्मान समारोह के दौरान आदित्य साहू ने युवाओं की तत्परता, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और युवाओं को सेवा व सुरक्षा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि संकट के समय आमजन की सहायता करना ही सच्ची समाज सेवा है।

इस अवसर पर बजरंगदल कार्यकर्ताओं सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं के कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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