भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र – सीटू के आह्वान पर विभिन्न जन संगठनों ने साकची गोलचक्कर पर प्रदर्शन कर ट्रंप सरकार की साम्राज्यवादी नीतियों की कड़ी निंदा की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में चल रही साम्राज्यवादी ताकतें दुनिया के कमजोर देशों की संप्रभुता पर हमला कर रही हैं और अपने आर्थिक हितों के लिए तख्तापलट, सैन्य हस्तक्षेप, प्रतिबंध और नाकेबंदी जैसे हथकंडे अपना रही हैं।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वेनेजुएला में किया गया हस्तक्षेप केवल वहां की सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आज़ादी और आत्मनिर्णय के अधिकार पर सीधा हमला है।
साथ ही कहा गया कि यूक्रेन, गाज़ा, बांग्लादेश और अब वेनेजुएला — ये सभी घटनाएं अमेरिकी साम्राज्यवाद की साजिशों के उदाहरण हैं।
सीटू नेताओं ने कहा कि साम्राज्यवादी शक्तियां प्राकृतिक संसाधनों पर कब्ज़ा करने के लिए दुनिया भर के मेहनतकश लोगों का शोषण कर रही हैं और जनविरोधी सरकारों को समर्थन दे रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से भी मांग की कि वह साम्राज्यवादी आक्रामकता के खिलाफ स्पष्ट और सैद्धांतिक रुख अपनाए तथा आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करे।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विश्वजीत देव, गुप्तेश्वर सिंह, केडी प्रताप, सुब्रत विश्वास, पीआर गुप्ता, नागराजू, बिमान चटर्जी, एसके उपाध्याय, शत्रुघ्न प्रसाद सहित कई जन संगठनों के नेताओं ने किया।
कार्यक्रम के अंत में ट्रंप प्रशासन का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया।








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