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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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शुक्रवार, 2 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1 जनवरी को खरसावां शहीद स्थल पहुंचकर 1948 के गोलीकांड के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि गुवा गोलीकांड की तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों और आंदोलनकारियों को चिह्नित करने के लिए सरकार एक विशेष कमेटी का गठन करेगी। सीएम हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि इस पर कार्य शुरू हो चुका है और जल्द ही उन गुमनाम शहीदों को खोज निकाला जाएगा, जो अब तक इतिहास के पन्नों में दबे हुए थे। मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, 'खरसावां शहीद स्थल कभी भी इतिहास से मिट नहीं सकता क्योंकि यहां उमड़ने वाली हजारों की भीड़ इस बात की गवाह है कि यह स्थल आज भी स्थानीय आदिवासियों और मूलवासियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा केंद्र है'।


शिकारीपाड़ा में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से एसआई हेमंत भगत शहीद, कांस्टेबल गंभीर घायल

 दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में सब-इंस्पेक्टर हेमंत भगत की मौत हो गई. वे सड़क पर लगे जाम को हटाने के दौरान ड्यूटी पर तैनात थे, तभी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें और एक अन्य कांस्टेबल को कुचल दिया.

जानकारी के अनुसार, शिकारीपाड़ा इलाके में गिट्टी लदे दो ट्रकों की आपस में टक्कर हो गई थी, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे. हादसे की सूचना मिलते ही एसआई हेमंत भगत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया.

घायलों को अस्पताल भेजने के बाद एसआई हेमंत भगत दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे और सड़क जाम हटाने में जुट गए. इसी दौरान एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर मौके पर पहुंची और ड्यूटी पर तैनात एसआई हेमंत भगत तथा कांस्टेबल देवकी प्रजापति को जोरदार टक्कर मार दी.

इस दर्दनाक हादसे में एसआई हेमंत भगत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कांस्टेबल देवकी प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल कांस्टेबल को तत्काल दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में सांसद व वरिष्ठ अधिकारियों की शिष्टाचार मुलाकात

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सांसद, राज्य सभा महुआ माजी, अपर मुख्य सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मस्त राम मीणा, राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी, सचिव वित्त विभाग प्रशांत कुमार, सदस्य राजस्व पर्षद राजीव रंजन, अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छवि रंजन, प्रबंध निदेशक जियाडा वरुण रंजन, निदेशक नगरीय प्रशासक, नगर विकास विभाग नैंसी सहाय, विशेष सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी (समन्वय) विभाग राजीव रंजन,  आईजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, उपायुक्त रांची मंजुनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची राकेश रंजन ने मुलाकात की.


सीएम हेमंत से DC-SSP सहित कई आला अधिकारियों ने की मुलाकात, दी शुभकामनाएं

राँची: नववर्ष 2026 के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड में कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मुलाकात की। सभी ने मुख्यमंत्री को नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। सीएम से मिलने वालों में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, गृह, कारा और आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, पेयजल और स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव मस्त राम मीणा, राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, सदस्य राजस्व परिषद राजीव रंजन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक छवि रंजन, जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन, नगर विकास विभाग की निदेशक नगरीय प्रशासन नैंसी सहाय, विशेष सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय और निगरानी विभाग राजीव रंजन, आईजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, रांची डीसी मंजुनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन शामिल थे।

सीएम का संदेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने समस्त झारखंडवासियों को भी नववर्ष 2026 की बधाई दी और राज्य के विकास, खुशहाली और शांति की प्रार्थना की।

विकास और जनभागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। राज्य के सर्वांगीण विकास में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम जनता की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है।

आने वाले वर्ष की उम्मीदें

मुख्यमंत्री ने नववर्ष को विकास और प्रगति का अवसर बताया और कहा कि मिलकर काम करने से ही राज्य आगे बढ़ सकता है। उन्होंने सभी से सहयोग की अपील की ताकि झारखंड के हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

झारखंड की ऐतिहासिक जीत का गवाह बना पाकुड़, युवाओं को मिला बड़ा संदेश

झारखंड : BCCI की प्रतिष्ठित सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के पाकुड़ आगमन पर रानी ज्योतिर्मय स्टेडियम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मौका झारखंड की ऐतिहासिक जीत को नजदीक से देखने और महसूस करने का था। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी मौजूद रहे।

डीसी ने जीत को बताया गौरव का क्षण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीसी मनीष कुमार ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट जीतकर झारखंड ने घरेलू क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय लिखा है। यह केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

डेढ़ साल पहले देखा गया सपना हुआ साकार

डीसी ने कहा कि इस ट्रॉफी को जीतने की योजना लगभग डेढ़ वर्ष पहले बनाई गई थी, जिसे झारखंड की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से सच कर दिखाया। उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी ने झारखंड क्रिकेट को देश में पहचान दिलाई और उसके बाद ईशान किशन, शाहबाज नदीम, सौरभ तिवारी, विराट सिंह जैसे कई खिलाड़ी सामने आए।

ट्रॉफी देखकर खिलाड़ियों में जगती है नई ऊर्जा

डीसी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ की सराहना करते हुए कहा कि ट्रॉफी को राज्य के अलग अलग जिलों में ले जाना एक सराहनीय पहल है। इससे युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है। जब खिलाड़ी ट्रॉफी को सामने देखते हैं, तो उनके भीतर आगे बढ़ने की इच्छा और मजबूत होती है।

पाकुड़ के खिलाड़ियों से भी बड़ी उम्मीद

उन्होंने कहा कि अगर पाकुड़ जिले के खिलाड़ी राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो वे आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनेंगे। उन्होंने साफ कहा कि सफलता का कोई आसान रास्ता नहीं होता। सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी सालों की मेहनत, अनुशासन और फिटनेस से इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

फिटनेस, अनुशासन और मेहनत पर दिया जोर

डीसी ने खिलाड़ियों से अपने खानपान, फिटनेस, मानसिक मजबूती और अनुशासन पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।

ट्रॉफी भ्रमण का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना

जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को राज्य के सभी जिलों में ले जाने का मकसद युवाओं को खेल के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि यह टी20 टूर्नामेंट पिछले 16 वर्षों से आयोजित हो रहा है, जिसमें एलीट और प्लेट ग्रुप मिलाकर कुल 36 टीमें हिस्सा लेती हैं।

झारखंड की जीत का सफर

उन्होंने बताया कि झारखंड ने वर्ष 2009-10 में पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती थी, जिसकी कप्तानी सौरभ तिवारी ने की थी। इसके बाद पहली बार झारखंड ने सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी जीतकर हरियाणा जैसी मजबूत टीम को फाइनल में हराया। टूर्नामेंट में झारखंड ने 10 में से 9 मैच जीते और फाइनल में एकतरफा जीत दर्ज की।

बड़ी संख्या में खिलाड़ी और पदाधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर जिला क्रिकेट संघ के सचिव प्रणय तिवारी, संयुक्त सचिव गणपत, रानू सिंह, अर्जुन सिंह, अमित सिंह, अकादमी के प्रशिक्षक, क्रिकेट संघ से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

सरायकेला:-सरायकेला में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को स्मृति में प्रतिमूर्ति स्थापना को मांग झामुमो ने उपायुक्त सौंपा ज्ञापन.............

सरायकेला खरसावां संवाददाता सुशील कुमार 

सरायकेला:-दिशोम गुरु शिबू सोरेन को स्मृति में प्रतिमूर्ति स्थापना को मांग झामुमो ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन। सरायकेला जिला में झारखंड आंदोलन के पुरोधा ओर राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय शिबू सोरेन के स्मृति को स्थायी रूप देने की मांग तेज हो गई है ‌ इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर प्रतिमूर्ति स्थापित करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरायकेला न्यायालय के पास पेट्रोल पंप के पास राज नगर जाने वाली नई सड़क के उसे मोड पर जो टाटा सरायकेला मुख्य पथ से जुड़ा है एक गीलबर का निर्माण कर वहां शिबू सोरेन के प्रतिमूर्ति स्थापित की जाए झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं का कहना है कि यह स्थल न केवल शिबू सोरेन के संघर्ष और योगदान की याद दिलाएगा बल्कि गोल बर निर्माण से इस क्षेत्र में आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त को अवगत कराया कि उक्त स्थान पर ट्रैफिक दबाव अधिक रहता है और गोलबर के अभाव में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है ऐसे में प्रतिमूर्ति स्थापना के साथ गीलबर का निर्माण जनहित में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उपायुक्त ने प्रतिनिधि मंडल की मांग को गंभीरता से लेते हुए स्थल का निरीक्षण कराए जाने और नियमों के अनुरूप गीलबर निर्माण सहित शिबू सोरेन को प्रतिमूर्ति स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिय। प्रतिनिधि मंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, साहित्य एवं संस्कृति मोर्चा के जिला अध्यक्ष अविनाश कबि, नगर सचिव तपन कामिला, कृष्णा राणा, गौतम नायक शामिलथे।

बर्फीली हवाओं ने रोका कदम, क्लास 8 तक के स्कूल 14 तक बंद

उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर को देखते हुए मथुरा जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों में 14 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह आदेश परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य सभी बोर्डों पर लागू रहेगा।

सभी बोर्डों के स्कूल रहेंगे बंद

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी आदेश के अनुसार नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखना है। प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश सभी शैक्षणिक संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा।

 शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश

अवकाश के दौरान परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्हें विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर जारी निर्देशों का पालन करना होगा। वहीं जिन शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगी है, वे अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहेंगे।

सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज

बुधवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिनभर सूरज बादलों में छिपा रहा, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस हुई।

कोहरा और शीतलहर का असर

सुबह के समय यमुना एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन रेंगते नजर आए। सुबह 8 बजे के बाद कोहरा कुछ हद तक छंटा। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।

घरों में कैद लोग, बाजार रहे सूने

ठंड के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे। बच्चों ने छुट्टी का आनंद घर पर ही उठाया, वहीं बुजुर्गों ने बाहर निकलने से परहेज किया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, केवल होटल और रेस्टोरेंट ही कुछ हद तक खुले नजर आए।

खरसावां के शहीद अब नहीं रहेंगे गुमनाम, आश्रितों को मिलेगा सम्मान : सीएम

सराईकेला: हर साल एक जनवरी को जब देश नए साल की शुरुआत करता है, उसी दिन खरसावां की धरती अपने शहीदों को याद करती है। शहीद स्थल पर पसरा सन्नाटा, मौन श्रद्धांजलि देता हुआ भी बहुत कुछ कह जाता है। इसी खामोशी के बीच इस बार उम्मीद की आवाज सुनाई दी, जब सीएम हेमंत सोरेन खरसावां शहीद स्थल पहुंचे।

गार्ड ऑफ ऑनर नहीं, शहीदों के सामने नमन

हेलीपैड पर गार्ड ऑफ ऑनर की औपचारिकता से दूर सीएम सीधे शहीद स्थल पहुंचे। उन्होंने सिर झुकाकर उन लोगों को नमन किया, जिनके नाम इतिहास में दर्ज तो हैं, लेकिन पहचान अब तक अधूरी रही। यह पल केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि संवेदना और स्वीकार का संदेश था।

एक जनवरी, जो झारखंड के लिए शहीद दिवस है

सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि एक जनवरी दुनिया के लिए नया साल है, लेकिन झारखंड के आदिवासी, मूलवासी, किसान और मजदूरों के लिए यह शहीद दिवस है। जब बाकी देश जश्न मनाता है, तब यहां के लोग अपने शहीदों को याद कर उनकी कुर्बानी को नमन करते हैं। यही झारखंड की आत्मा है।

संघर्ष से बना इतिहास

सीएम ने याद दिलाया कि झारखंड का इतिहास संघर्ष और बलिदान से भरा है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए यहां के लोगों ने हर दौर में आवाज उठाई। खरसावां गोलीकांड उसी संघर्ष की एक दर्दनाक याद है, जब निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई।

अब शहीदों की होगी पहचान, मिलेगा सम्मान

सीएम ने भरोसा दिलाया कि खरसावां गोलीकांड के शहीद अब गुमनामी में नहीं रहेंगे। गुआ गोलीकांड की तरह यहां भी शहीदों की पहचान की जाएगी और उनके आश्रितों को सम्मान दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार एक कमेटी बनाएगी और न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जाएगा, जिसमें रिटायर जजों को शामिल किया जाएगा।

सम्मान केवल शब्द नहीं होगा

सीएम ने कहा कि सरकार केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेगी। शहीदों के परिजनों को सम्मान और उनका हक दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। मसौदा तैयार है और पूरी समझ के साथ इसे लागू किया जाएगा, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।

शोक से संकल्प तक

सभा में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी खरसावां गोलीकांड को आजाद भारत के सबसे बड़े गोलीकांडों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के कुछ ही महीनों बाद यह घटना घटी, जिसने आदिवासी समाज को गहरे जख्म दिए। तभी से एक जनवरी को यहां शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इतिहास की वह सुबह

एक जनवरी 1948 की सुबह खरसावां हाट बाजार में जुटी भीड़ अपने भविष्य को लेकर सवाल कर रही थी। तभी चली गोलियों ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। उस दिन के बाद से यह धरती हर साल उन शहीदों को याद करती है, जिनकी कुर्बानी ने झारखंड की चेतना को दिशा दी। खरसावां आज भी गवाही देता है कि शहीदों की यादें कभी मिटती नहीं हैं। अब सरकार के इस कदम से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में उन शहीदों के नाम, चेहरे और परिवार भी सम्मान के साथ सामने आएंगे।

नये साल पर एक सख्त अफसर की नरम अपील…

झारखंड : नये साल की सुबह जब लोग नए संकल्पों और नई उम्मीदों के साथ साल 2026 का स्वागत कर रहे थे, उसी समय पाकुड़ की पुलिस कप्तान निधि द्विवेदी का संदेश सिर्फ औपचारिक शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा। यह संदेश एक जिम्मेदार अफसर की ओर से समाज के हर वर्ग, खासकर युवाओं के लिए दिल से निकली मानवीय अपील बनकर सामने आया। एसपी निधि द्विवेदी ने पाकुड़ और पूरे झारखंड के लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर साल हमारे जीवन में नई उम्मीदें लेकर आता है, लेकिन साथ ही कुछ चुनौतियां भी देता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिंदगी में सिर्फ अच्छी खबरें ही नहीं आतीं, कठिन समय भी आता है, और दोनों को समान भाव से स्वीकार करना ही जीवन की असली समझ है।

युवाओं से नशे से दूर रहने की सीधी अपील

अपने संदेश में उन्होंने युवाओं पर विशेष ध्यान दिया। एक पुलिस अधिकारी होने के नाते उन्होंने नशे के दुष्परिणामों को करीब से देखा है। शायद यही वजह है कि उनका आग्रह औपचारिक नहीं, बल्कि एक बड़े की तरह समझाने वाला था। उन्होंने कहा कि युवा देश और समाज का भविष्य हैं, इसलिए उनका सही रास्ते पर होना बहुत जरूरी है। एसपी ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा न सिर्फ शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरे जीवन को भटका सकता है। उनका कहना था कि आज लिए गए छोटे-छोटे फैसले ही कल की पूरी जिंदगी की दिशा तय करते हैं।

अच्छी आदतें और सही संगत ही बनाती हैं भविष्य

एसपी निधि द्विवेदी ने युवाओं को सलाह दी कि वे अच्छी आदतें अपनाएं और बुरी संगत से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि गलत संगत और गलत आदतें इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती हैं, जबकि अनुशासन और मेहनत जीवन को आगे बढ़ाते हैं।

हल्के में न लें जीवन : एसपी

एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि जीवन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हर व्यक्ति की समाज के प्रति एक जिम्मेदारी होती है। अगर हर कोई अपने कर्तव्यों को समझे और सही रास्ते पर चले, तो न सिर्फ उसका अपना भविष्य बेहतर होगा, बल्कि समाज भी सुरक्षित और मजबूत बनेगा।

अलाव से लेकर साइबर अलर्ट तक… नये साल पर डीसी का संदेश…

पाकुड: साल बदला है, कैलेंडर के पन्ने पलटे हैं, लेकिन सर्द हवा में वही सवाल है, यह नया साल लोगों के लिए कितना सुरक्षित, संवेदनशील और बेहतर होगा। इसी सोच के साथ नववर्ष 2026 की सुबह पाकुड़ के डीसी मनीष कुमार ने जिलेवासियों के नाम एक ऐसा संदेश दिया, जिसमें औपचारिकता कम और मानवीय सरोकार ज्यादा दिखा।

शुभकामनाओं के साथ संवेदना की बात

डीसी ने जिले के हर घर के लिए सुख, शांति और स्वास्थ्य की कामना की। उनके शब्दों में सिर्फ बधाई नहीं थी, बल्कि यह अहसास भी था कि प्रशासन सिर्फ नियमों की किताब नहीं, बल्कि आम आदमी की चिंता से जुड़ा हुआ तंत्र है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नववर्ष परिवार और अपनों के साथ सौहार्द के माहौल में मनाएं और उन लोगों को याद रखें, जो जीवन की राह आसान बनाते हैं।

पर्यटन की खुशी, सुरक्षा की जिम्मेदारी

नववर्ष पर घूमने निकलने की उत्सुकता स्वाभाविक है। डीसी ने इस खुशी के बीच सुरक्षा की अहमियत भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। यह अपील आदेश जैसी नहीं, बल्कि अपनेपन से भरी सलाह की तरह थी।

ठंड में अलाव और भरोसे का एहसास

शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच प्रशासन ने अलाव और जरूरी इंतजाम किए हैं। डीसी ने बताया कि ये व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सड़क पर ठिठुरते लोगों के लिए एक भरोसा हैं। फिर भी उन्होंने लोगों से खुद का ख्याल रखने और एक-दूसरे का सहारा बनने की अपील की।

नशे से दूरी, सुरक्षित जीवन की ओर कदम

डीसी का संदेश यहीं नहीं रुका। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशा न सिर्फ शरीर को, बल्कि परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है। नववर्ष को उन्होंने एक नए संकल्प के तौर पर देखने की बात कही, जहां लोग नशे से दूर रहकर सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का पालन करें।

जनसहयोग के साथ विकास का सपना

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प भी संदेश का अहम हिस्सा रहा। खासकर शिक्षा में शुरू की गई पहल को डीसी ने भविष्य की मजबूत नींव बताया और इसमें आम लोगों की भागीदारी को जरूरी माना।

डिजिटल दुनिया में सतर्कता की जरूरत

नए साल में मोबाइल स्क्रीन पर आने वाली फाइलें भी एक चुनौती बन चुकी हैं। डीसी ने APK और PIC फाइलों को लेकर लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि एक गलत क्लिक न सिर्फ फोन, बल्कि पूरी जिंदगी की निजता खतरे में डाल सकता है। भरोसेमंद स्रोत की जांच को उन्होंने आज की जरूरत बताया।

नए साल का सार : अनुशासन और संवेदना

अपने संदेश के अंत में डीसी मनीष कुमार ने कहा कि नववर्ष 2026 तभी सार्थक होगा, जब लोग जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उनके शब्दों में उम्मीद थी कि यह साल पाकुड़ के लिए सिर्फ तारीखों का बदलाव नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।

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