चौपारण : अपने कुछ दोस्तों के साथ मॉर्निग वॉक पर निकले 21 साल के जवान युवक CA छात्र निशांत की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह चौपारण प्रखण्ड के इंगुनिया गांव का रहनेवाला था। आज सुबह करीब 8 बजे रोज की तरह निशांत अपने दोस्तों के साथ मैदान में टहलने निकला था। अचानक वह जमीन पर गिर पड़ा। घबराये साथियों ने बिना वक्त गंवाये उसे अलबर्ट एक्का चौक स्थित सेंट वीटा हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निशांत ने हाल ही में CA फाइनल ईयर में दाखिला लिया था। महज दो दिन पहले ही उसने एक कार्यालय जॉइन किया था। परिवार को लगने लगा था कि अब गरीबी के दिन खत्म होंगे, लेकिन सफलता की दहलीज पर ही जीवन का दीप बुझ गया।
गरीबी से संघर्ष, मेधा से पहचान: निशांत बेहद गरीब और संघर्षशील परिवार से था, लेकिन उसकी मेहनत और प्रतिभा हर अभाव से बड़ी थी। स्कूल से लेकर कॉलेज तक हर कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया। शिक्षकों के लिये अनुशासन और सादगी की मिसाल था। गांव के बच्चों के लिये प्रेरणा का नाम था। निशांत के पिता रणधीर सिंह रांची में एक कपड़ा दुकान में मजदूरी कर परिवार का पेट पालते थे। उन्होंने अपने हिस्से की रोटी छोड़कर बेटे की पढ़ाई कराई। उन्हें पूरा भरोसा था कि बेटा एक दिन परिवार की तकदीर बदल देगा। लेकिन जिस बेटे को घर की उम्मीदों की रीढ़ माना जा रहा था, उसके चले जाने से पूरा परिवार टूटकर बिखर गया। दादा सद्गुण सिंह और चाचा सुजीत सिंह आज भी खेतों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। निशांत की असमय मौत ने एक होनहार छात्र और एक गरीब परिवार का आखिरी सहारा दोनों छीन लिये। जैसे ही यह खबर इंगुनिया गांव पहुंची घर-घर मातम छा गया। परिजन बेसुध हो गये। गांव की आंखें नम हो गईं। लोग निशांत की प्रतिभा, सादगी और संघर्ष को याद कर फूट-फूटकर रो पड़े।







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