उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में भारत की ‘इंडस्ट्रियल कैपिटल’ बनने की पूरी क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जमशेदपुर केवल टाटा मोटर्स या ऑटोमोबाइल हब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे रक्षा उपकरणों के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश की रक्षा जरूरतों की पूर्ति स्वदेशी उत्पादन से करना है। इस दिशा में स्थानीय MSME और स्टार्टअप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने उद्योग जगत से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में भारत दुनिया के 92 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। साथ ही पिछले आठ वर्षों में देश में स्टार्टअप की संख्या 800 से बढ़कर 2 लाख 9 हजार तक पहुंच गई है, जिससे भारत स्टार्टअप के क्षेत्र में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने उद्योग जगत से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में देश का रक्षा बजट करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय उद्योगों, MSME और नए उद्यमियों को मिलेगा। उन्होंने उद्यमियों से रक्षा उत्पादन से जुड़ने और ‘मेक इन इंडिया’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलने वाला सिद्ध होगा।












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