प्रयागराज में विश्वप्रसिद्ध माघ मेला शुरू हो चुका है. यहां गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर डेढ़ महीने तक मेला चलेगा, जिसे मिनी कुंभ कहते हैं क्योंकि इसमें देश-दुनिया से लाखों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं. साथ ही एक महीने का कल्पवास भी करते हैं. संगम की रेती पर आध्यात्मिक उन्नति पाने, पाप नष्ट करके मोक्ष की राह पर चलने के लिए लाखों लोग हर साल माघ मेले में आते हैं.
इस साल भी 3 जनवरी 2026 से प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो गया है, जिसे मिनी कुंभ कहते हैं. इसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं. त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगाते हैं. जप-तप, साधना और दान-पुण्य करते हैं. इन श्रद्धालुओं में कल्पवासी भी होते हैं जो संगम की रेती पर पूरा एक महीना भगवान की भक्ति में बिताते हैं और कड़े नियमों का पालन करते हैं. कई लोग 12 वर्ष तक कल्पवास करने का संकल्प भी लेते हैं. यानी कि 12 साल तक हर बार माघ मेले के दौरान संगम पर एक महीने का कल्पवास करते हैं. यह बेहद कठिन व्रत होता है.







0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें