सरायकेला प्रखंड अंतर्गत महालिमोरूप गांव स्थित मार्केट परिसर में स्थानीय लोगों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक डॉ. भीम महतो के आकस्मिक निधन पर रविवार संध्या श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय डॉ. भीम महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुरुप पंचायत के पूर्व मुखिया एवं महालिमोरूप निवासी धनुराम महाली ने कहा कि डॉ. भीम महतो के निधन से पंचायत के लोगों को गहरा आघात पहुंचा है। वे केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक भी थे। उनके असामयिक निधन से क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुराडीह के ग्राम प्रधान अश्वनी कुमार सिंहदेव ने की। उन्होंने कहा कि डॉ. भीम महतो सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे और गरीब व असहाय लोगों की निस्वार्थ भाव से मदद करते थे।
स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. भीम महतो द्वारा महालिमोरूप एवं आसपास के गांवों के लोगों को दी गई चिकित्सीय सेवाएं अविस्मरणीय रहेंगी।
कार्यक्रम का संचालन अनिरुद्ध प्रमाणिक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शंभु महाली द्वारा किया गया। श्रद्धांजलि सभा में मुरुप के ग्राम प्रधान जीतमोहन महतो, दासियाडीह के ग्राम प्रधान बाउरीबंधु महतो, अजीत प्रधान, योगेश्वर मंडल, शंभु महाली, जीवन प्रमाणिक, बरुण मंडल, डॉ. परमेश्वर महतो, गोबर्धन महतो, निताय प्रमाणिक, शिवकुमार प्रमाणिक, शंकर महाली, महेश्वर महाली, बहादुर प्रमाणिक समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय डॉ. भीम महतो की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि 47 वर्षीय डॉ. भीम महतो का शुक्रवार रात हृदयाघात के कारण आकस्मिक निधन हो गया। वे शोभापुर, सिंदरी, सीनी के निवासी थे और पेशे से एक कुशल चिकित्सक थे। वे पिछले लगभग 20 वर्षों से महालिमोरूप मार्केट में क्लिनिक का संचालन कर रहे थे। इसके साथ ही वे आसपास के गांवों में घर-घर जाकर न्यूनतम शुल्क पर चिकित्सा सेवा प्रदान करते थे।
डॉ. भीम महतो अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र एवं एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों सहित पूरे
क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।









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